कोलकाता में पर्यावरण प्रेमीयों को मिला ग्रीन वारीयर्स अवार्ड


अमर शहीद अमृता देवी की गाथा सुनकर तालियों की गडग़ड़ाहट से गुजंयमान मान हुआ कोलकाता का स्वामी विवेकानंद हाल महुलाली

सांचौर। कोलकाता के स्वामी विवेकानंद हाल महुलाली में रविवार को ग्रीन वारीयर्स अवार्ड सम्मान समारोह आयोजित हुआ। ग्रीन वारीयर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया। पीराराम धायल, भंवरलाल भादू, अर्जुन राम खिलेरी, बुधाराम सियाक विश्नोई वेशभूषा में सफेद धोती कुर्ता व सफेद पगड़ी बांधे व पार्वती देवी विश्नोई वेशभूषा में आकर्षण का केंद्र बने। विश्नोई पोशाक पहने पाचों एक साथ जैसे ही मंच पर अवार्ड लेने पहुंचे तो खचाखच भरा स्वामी विवेकानंद हाल तालियों की गडग़ड़ाहट से गुजंयमान हो गया। समारोह के मुख्य अतिथि कर्नाटक के मुख्य वन संरक्षक शशिकांत चक्रवर्ती व वेस्ट बंगाल मुख्य वन संरक्षक सुधीर चौधरी के हाथों अवार्ड ग्रहण किया। समारोह के पीराराम धायल ने कहा कि हम गुरु जम्भेश्वर भगवान के अनुयायी हैं ओर आज 393 साल पहले मां अमृता देवी विश्नोई के नेतृत्व में जोधपुर जिले के खेजड़ली गांव में हरे पेड़ों के लिए 363 विश्नोई महिला पुरुष शहीद हो गये, हम उन्ही के वंशज है आज भी हरे पेड़ों को काटने नहीं देते व वन्यजीवों की सेवा में तत्पर रहते हैं। इसी का नतीजा है कि आज विश्नोई जाती का हजारों किलोमीटर दूर कोलकाता में सम्मान हो रहा है। पीराराम धायल समस्त पर्यावरण प्रेमीयों की टीम की ओर से मंचासीन मुख्य अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कोलकाता में ग्रीन वारीयर्स अवार्ड मिलने के बाद प्रवासी बंधुओं व विश्नोई समाज के गणमान्य नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया पर बधाई संदेश भेज रहे है। कोलकाता में विश्नोई प्रवासी बंधुओ हरदानराम सियाक, मांगीलाल सियाक, मोहनलाल मांझु, बाबुलाल गोदारा, सुरेश सियाक, हनुमान राम मांझु सहित विश्नोई समाज के लोगों ने स्वागत किया।


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